*तुम्हारी जमीन धुल मिट्टी की तरह आंधी मे उड चुकी है, तुम्हारा आत्मविश्वास तुम्हारे आत्मसन्मान के साथ खो चुका है,अगर तुम उसे पुनर्रजागृत नही करते हो तो आनेवाले समय मे तमाम आदिवासीयोको अस्तित्व ही खत्म हो जायेगा..! इसलिए पढो बढो और लढो..! उलगुलानचा बुलंद नारा देणारे धरणीचे आबा जननायक क्रांतिवीर बिरसा मुंडा यांच्या 120 व्या स्मृतिदिनानिमित्त विनम्र अभिवादन..!✍️*
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